Culture

पुरखों से संवाद

… मृतकों से संवाद और पुरखों से संवाद, ये दो अलग बातें हैं। इस अंतर में जीवन के एक रस का भास भी होता है।   अनुपम मिश्र जो कल तक हमारे बीच थे, वे आज नहीं हैं। आज हम… Read More ›

जड़ें

जड़ों की तरफ मुड़ने से पहले हमें अपनी जड़ता की तरफ भी देखना होगा, झांकना होगा। यह जड़ता आधुनिक है। इसकी झांकी इतनी मोहक है कि इसका वजन ढोना भी हमें सरल लगने लगता है। बजाय इसे उतार फेंकने के,… Read More ›