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साधारण-सा जीवन, दो असाधारण किताबेंः जोसेफ जेंकिन्स

[यह लेख ‘गांधी मार्ग’ पत्रिका के जनवरी-फरवरी 2013 अंक में छपा था।] …………….. सिर के ऊपर पारंपरिक स्लेट पत्थर की छत और पाँव के नीचे अपने ही मल-मूत्र से बनी खाद। जोसेफ जेंकिन्स के दो प्रसिद्ध परिचय हैं। 15 साल… Read More ›

एक निर्मल कथा

…… हमारे दूसरे शहरों की तरह कोलकाता अपना मैला सीधे किसी नदी में नहीं उंडेलता। शहर के पूर्व में कोई 30 हजार एकड़ में फैले कुछ उथले तालाब और खेत इसे ग्रहण करते हैं और इसके मैल से मछली, धान… Read More ›

आग लगने पर कुआं खोदना

अकाल अकेले नहीं आता। उससे बहुत पहले अच्छे विचारों का अकाल पड़ने लगता है। अच्छे विचार का अर्थ है अच्छी योजनाएं, अच्छे काम। यह लेख जरा पुराना है, लेकिन अकाल भी इतना नया नहीे है। अनुपम मिश्र अकाल की पदचाप… Read More ›

पुतले हम माटी के

[ लेख ‘गांधी मार्ग’ के नवंबर-दिसंबर २०१२ अंक में छपा है ] आज हम मंगल ग्रह के भूगोल के करीबी चित्र देखते हैं, चाँद पर पानी खोजते हैं और जीवन की तलाश में वॉएजर यान को सौरमंडल के बाहर भेजने… Read More ›