WatSan

एक निर्मल कथा

…… हमारे दूसरे शहरों की तरह कोलकाता अपना मैला सीधे किसी नदी में नहीं उंडेलता। शहर के पूर्व में कोई 30 हजार एकड़ में फैले कुछ उथले तालाब और खेत इसे ग्रहण करते हैं और इसके मैल से मछली, धान… Read More ›

आग लगने पर कुआं खोदना

अकाल अकेले नहीं आता। उससे बहुत पहले अच्छे विचारों का अकाल पड़ने लगता है। अच्छे विचार का अर्थ है अच्छी योजनाएं, अच्छे काम। यह लेख जरा पुराना है, लेकिन अकाल भी इतना नया नहीे है। अनुपम मिश्र अकाल की पदचाप… Read More ›

पुतले हम माटी के

[ लेख ‘गांधी मार्ग’ के नवंबर-दिसंबर २०१२ अंक में छपा है ] आज हम मंगल ग्रह के भूगोल के करीबी चित्र देखते हैं, चाँद पर पानी खोजते हैं और जीवन की तलाश में वॉएजर यान को सौरमंडल के बाहर भेजने… Read More ›

How to Make a Forest

…with minimum fuss and maximum effect By Sopan Joshi            [ Published in OPEN magazine ] Before their menfolk started migrating out in droves, before rainwater started running off the eroded slopes of the Doodhatoli mountains in Uttarakhand, the people here… Read More ›

समाज नामक संस्था का एक कर्मचारी

[ ये लेख ‘तहलका’ में छपा है ] Farhad.Tehelka सोपान जोशी यह संस्थाओं का जमाना है। सबसे बड़ी संस्था है सरकार। उससे बाहर जो हो वे गैरसरकारी कहलाती है। असरकारी दोनों कितनी होती हैं इसका जवाब देने की जरूरत नहीं… Read More ›