Water

आग लगने पर कुआं खोदना

अकाल अकेले नहीं आता। उससे बहुत पहले अच्छे विचारों का अकाल पड़ने लगता है। अच्छे विचार का अर्थ है अच्छी योजनाएं, अच्छे काम। यह लेख जरा पुराना है, लेकिन अकाल भी इतना नया नहीे है। अनुपम मिश्र अकाल की पदचाप… Read More ›

पुतले हम माटी के

[ लेख ‘गांधी मार्ग’ के नवंबर-दिसंबर २०१२ अंक में छपा है ] आज हम मंगल ग्रह के भूगोल के करीबी चित्र देखते हैं, चाँद पर पानी खोजते हैं और जीवन की तलाश में वॉएजर यान को सौरमंडल के बाहर भेजने… Read More ›

How to Make a Forest

…with minimum fuss and maximum effect By Sopan Joshi            [ Published in OPEN magazine ] Before their menfolk started migrating out in droves, before rainwater started running off the eroded slopes of the Doodhatoli mountains in Uttarakhand, the people here… Read More ›

समाज नामक संस्था का एक कर्मचारी

[ ये लेख ‘तहलका’ में छपा है ] Farhad.Tehelka सोपान जोशी यह संस्थाओं का जमाना है। सबसे बड़ी संस्था है सरकार। उससे बाहर जो हो वे गैरसरकारी कहलाती है। असरकारी दोनों कितनी होती हैं इसका जवाब देने की जरूरत नहीं… Read More ›

चौमासा मीमांसा: बदलते मॉनसून के लक्षण

(यह लेख १० जुलाई को दैनिक भास्कर की रविवारी मैगजीन में सम्पादित रूप में छपा है|) हमारे भविष्य में जितनी बाढ़ है उतना ही सूखा भी। पूर्वानुमान लगाना दूभर होता जा रहा है – सोपान जोशी सोमवार 11 जुलाई को… Read More ›

Mercurial Monsoon

The famously capricious rains are reinforcing their reputation every year. Our planners need to take a hand in this Act of God By SOPAN JOSHI Its semantic density is comparable to that of a block of reinforced concrete. The India… Read More ›