खेती

उर्वरता की हिंसक भूमि

सन् १९०८ में हुई एक वैज्ञानिक खोज ने हमारी दुनिया ही बदल दी है। शायद ही किसी एक आविष्कार का इतना गहरा असर इतिहास में हो। आज हम में से हर किसी के जीवन में इस खोज का असर सीधा… Read More ›

चौमासा मीमांसा: बदलते मॉनसून के लक्षण

(यह लेख १० जुलाई को दैनिक भास्कर की रविवारी मैगजीन में सम्पादित रूप में छपा है|) हमारे भविष्य में जितनी बाढ़ है उतना ही सूखा भी। पूर्वानुमान लगाना दूभर होता जा रहा है – सोपान जोशी सोमवार 11 जुलाई को… Read More ›