Climate Change

सूखाः एक दरिद्र समाज की चुनावी त्रासदी

[ यह लेख ‘इंडिया टुडे’ पत्रिका के 26 जून 2019 के अंक के 36वें पन्ने पर छपा है ] – सोपान जोशी बस, एक महीने की बात है। हम बाढ़ से होने वाले नुकसान की बात कर रहे होंगे। तब… Read More ›

कुछ लाख रसोइये चाहिए

[ लेख ‘गांधी मार्ग’ के जुलाई-अगस्त २०१२ अंक में छपा है ] सौंदर्य केवल लघु होने से नहीं आता। ‘स्मॉल इज़ ब्यूटीफुल’ का पाठ पढ़ाने वाले हमारे पर्यावरण वाले भूल जाते है कि प्रकृति लघु ही नहीं, अति सूक्ष्म रचना… Read More ›

Mercurial Monsoon

The famously capricious rains are reinforcing their reputation every year. Our planners need to take a hand in this Act of God By SOPAN JOSHI Its semantic density is comparable to that of a block of reinforced concrete. The India… Read More ›